बरैठा की लौह-युक्त धारीदार चट्टान के नमूनों में कोशिकाओं जैसे सूक्ष्म गोल ढांचे मिले। 2025 के अध्ययन में चट्टान की आयु 2.85 ± 0.026 अरब वर्ष बताई गई है।

चट्टान की पतली काट और अलग अवशेष सूक्ष्मदर्शी से देखे गए। गोल इकाइयां सामान्यतः 1–5 माइक्रोमीटर की थीं; कुछ समूहों में मिलीं।

आकार की तुलना पुराने सूक्ष्मजीवाश्मों से की गई। कार्बन और अन्य तत्वों की जांच से टीम ने प्रस्ताव रखा कि धूप की ऊर्जा इस्तेमाल करने वाले सूक्ष्मजीव लौह-जमाव में भूमिका निभाते थे। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन नहीं बनती।

शोधपत्र इन्हें Huroniospora-जैसा कहता है। यह आकार की समानता है; जैविक पहचान और चयापचय पर अनिश्चितता बनी है।

मुख्य बातें

  • आयु: 2.85 ± 0.026 अरब वर्ष।
  • आकार: सामान्यतः 1–5 माइक्रोमीटर।
  • जैविक पहचान अभी निश्चित नहीं।

स्रोत और संदर्भ

  1. Evolving Earth / Elsevier · Anaerobic photoferrotrophy and hydrothermal influence in the Mesoarchean Girar banded iron formation ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।

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