जिले में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस 2026-27 का आयोजन 6 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। अभियान के तहत दवा सेवन से छूटे हुए हितग्राहियों को कृमिनाशक दवा खिलाने के लिए 9 अक्टूबर को मॉप-अप दिवस आयोजित होगा। अभियान का उद्देश्य बच्चों एवं प्रजनन आयुवर्ग की गैर-गर्भवती महिलाओं में कृमि संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण करना है।जिले में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 5,98,827 बच्चों तथा 20 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 1,23,828 गैर-गर्भवती महिलाओं को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस प्रकार जिले में कुल 7,22,647 हितग्राहियों को अभियान से लाभान्वित करने का लक्ष्य है।स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से विद्यालयों, निजी स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों एवं अन्य लक्षित संस्थानों में पात्र हितग्राहियों को निर्धारित कृमिनाशक दवा का सेवन कराया जाएगा। आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, सीएचओ, शिक्षक एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी अभियान के क्रियान्वयन और निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।कृमि संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं शारीरिक विकास को प्रभावित कर सकता है। संक्रमण के कारण पेट दर्द, भूख में कमी, कमजोरी, थकान, एनीमिया एवं कुपोषण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक संक्रमण रहने पर बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता एवं दैनिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।कृमिनाशक दवा के सेवन से आंतों में मौजूद कृमियों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है तथा पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग, स्वस्थ शारीरिक विकास और सामान्य स्वास्थ्य में सुधार में सहायता मिलती है।कृमि संक्रमण से बचाव के लिए बच्चों को खाने से पहले एवं शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने, साफ पानी पीने, नाखून छोटे एवं साफ रखने, खुले में शौच से बचने तथा फल-सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाने की आदत डालना जरूरी है।
6 अक्टूबर को यदि कोई पात्र हितग्राही किसी कारणवश कृमिनाशक दवा का सेवन नहीं कर पाता है, तो उसे 9 अक्टूबर के मॉप-अप दिवस पर दवा खिलाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित विभागों एवं मैदानी अमले को अभियान के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप हितग्राहियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों, शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आमजन से अपील की है कि 6 अक्टूबर को पात्र बच्चों को कृमिनाशक दवा का सेवन अवश्य कराएं और जो हितग्राही दवा लेने से वंचित रह जाएं, उन्हें 9 अक्टूबर को मॉप-अप दिवस के दौरान दवा दिलाना सुनिश्चित करें।





