कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय (DMI), क्षेत्रीय कार्यालय, लखनऊ द्वारा राज्य सरकारों के मंडी सचिवों के लिए हिंदी माध्यम में आयोजित 45 दिवसीय 123वां मंडी सचिव प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (MSTC) कार्यक्रम का उद्घाटन आज भव्य रूप से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा.टी.दामोदरन, निदेशक, केंद्रीय उपोषण बागवानी संस्थान ( CISH ), रहमान खेड़ा, लखनऊ,ने दीप प्रज्वलन कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने मंडियों के कुशल संचालन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने में प्रशिक्षित मानव संसाधन की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए प्रतिभागियों से प्राप्त ज्ञान का व्यवहारिक एवं प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया। साथ ही आम एंड अमरुद की मूल्य श्रृंखला (Value Addition) पर जोर दिया।
कार्यक्रम में निदेशालय की ओर से श्री भवेश कुमार जोशी, उप-कृषि विपणन सलाहकार द्वारा मुख्य अतिथि एवं सभी प्रशिक्षुओं का स्वागत किया गया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं इसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण मंडी प्रबंधन, विपणन सुधार, गुणवत्ता नियंत्रण तथा किसानों को बेहतर विपणन सुविधाएं प्रदान करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर निदेशालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, श्री जितेन्द्र सिंह, श्री यू.एस.शुक्ला एवं श्री अनुपम कुमार, श्री वीर बहादुर यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान सक्रिय सहभागिता हेतु प्रेरित किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजस्थान और छत्तीसगढ़ से आए मंडी सचिव भाग ले रहे हैं, जिन्हें आगामी दिनों में कृषि विपणन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही, प्रतिभागियों के लिए 14 दिवसीय अखिल भारतीय अध्ययन भ्रमण का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे उन्हें विभिन्न राज्यों की उन्नत विपणन व्यवस्थाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को अपने राज्य में कृषि विपणन प्रणाली के सुधार एवं सुदृढ़ीकरण में प्रभावी योगदान देने हेतु सक्षम बनाएगा।







