भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अंतर्गत डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (डीआईसी) के डिजिटल इंडिया भाषिनी प्रभाग (डीआईबीडी) ने जम्मू में 28 से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रदर्शनी "गतिशील जम्मू और कश्मीर 2.0" में सहयोगी भागीदार के रूप में भाग लिया। इस प्रदर्शनी में सरकारी विभागों, संस्थानों और संगठनों को एक साथ लाया गया ताकि वे विकसित भारत @2047 के विजन में योगदान देने वाली पहलों, प्रौद्योगिकियों और नागरिक-केंद्रित सेवाओं का प्रदर्शन कर सकें।

भाषिनी ने एक प्रदर्शनी स्टॉल के माध्यम से अपने बहुभाषी भाषा प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र का प्रदर्शन किया, जिससे आगंतुकों को यह अनुभव करने का अवसर मिला कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित भाषा प्रौद्योगिकियां बहुभाषी डिजिटल पहुंच और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को कैसे सहायता प्रदान कर सकती हैं। इस भागीदारी ने सरकारी हितधारकों, छात्रों, प्रौद्योगिकी प्रेमियों, उद्योग प्रतिनिधियों और आम जनता के सदस्यों के साथ संवाद स्थापित करने का मंच भी प्रदान किया।

प्रदर्शनी के एक भाग के रूप में, भाषिनी टीम ने अपनी बहुभाषी भाषा एआई क्षमताओं और उपयोग के उदाहरणों का लाइव प्रदर्शन किया, जिसमें शासन, नागरिक सेवाओं, न्याय तक पहुंच और बहुभाषी डिजिटल संचार के क्षेत्रों में अनुप्रयोगों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनों में दिखाया गया कि वाक् पहचान, वाक् संश्लेषण, अनुवाद, लिप्यंतरण और ध्वनि-आधारित अंतःक्रिया जैसी तकनीकों को डिजिटल सेवाओं में कैसे एकीकृत किया जा सकता है ताकि भाषाओं के बीच अधिक सुलभ और समावेशी अंतःक्रिया संभव हो सके।

तीन दिवसीय प्रदर्शनी के दौरान भाषिनी के स्टॉल पर अच्छी खासी भीड़ देखी गई और आगंतुकों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आगंतुकों ने टीम के साथ बातचीत की, भाषिनी एप्लिकेशन का उपयोग किया और सेल्फी बूथ में भी भाग लिया, जिससे भाषिनी की बहुभाषी तकनीकों और रोजमर्रा की डिजिटल सेवाओं में उनके उपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने का अवसर मिला।

इस प्रदर्शनी ने विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ संवाद स्थापित करने में भी मदद की, जिससे भाषा एआई, बहुभाषी डिजिटल सेवाओं और संस्थागत पहुंच और सहयोग के संभावित रास्तों पर चर्चा संभव हो सकी। इस सहभागिता ने हितधारकों की आवश्यकताओं को समझने और उन क्षेत्रों का पता लगाने के अवसर प्रदान किए जहां भाषिनी की भाषा प्रौद्योगिकियां बहुभाषी डिजिटल सेवाओं को व्यापक रूप से अपनाने में सहायक हो सकती हैं।

इस आयोजन में कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की, जिनमें जम्मू-कश्मीर के माननीय लोकसभा सांसद श्री जुगल किशोर शर्मा और जम्मू की अतिरिक्त उपायुक्त सुश्री अनुसूया जमवाल शामिल थीं। इन सभी ने भाशिनी के स्टॉल का दौरा किया और टीम से बातचीत की। समापन दिवस पर भाषिनी को सहयोगी भागीदार के रूप में मान्यता देते हुए एक स्मृति चिन्ह भेंट किया गया, जो प्रदर्शनी में उसकी भागीदारी की एक महत्वपूर्ण सराहना थी।

गतिशील जम्मू और कश्मीर 2.0 में तीन दिवसीय सहभागिता ने भाषिनी को समावेशी डिजिटल शासन को सक्षम बनाने में भाषा एआई की भूमिका को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया, साथ ही क्षेत्र के नागरिकों और हितधारकों के बीच अपने बहुभाषी प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में जागरूकता को मजबूत किया।

डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीजन (डीआईबीडी) के बारे में

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अंतर्गत डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (डीआईसी) का डिजिटल इंडिया भाषिनी प्रभाग (डीआईबीडी) कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) द्वारा संचालित बहुभाषी डिजिटल समावेशन के लिए एक राष्ट्रीय पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहा है। भाषिनी 36 भारतीय पाठ भाषाओं, 23 भारतीय ध्वनि भाषाओं और 35 अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं का समर्थन करता है और सरकारी एवं सार्वजनिक डिजिटल सेवाओं में भाषा एआई क्षमताओं के एकीकरण को सक्षम बनाता है। इसके पारिस्थितिकी तंत्र में अनुवाद, वाक् पहचान, वाक् संश्लेषण, लिप्यंतरण और अन्य भाषा सेवाओं के लिए प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं, जो भारत की भाषाई विविधता में डिजिटल सूचना और सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने में मदद करती हैं।