मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के परिपालन में प्रदेश में प्राकृतिक खेती के विस्तार को लगातार गति दी जा रही है। इसी कड़ी में बड़वानी जिले के 25 प्रगतिशील किसानों का एक दल कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित प्रतिष्ठित संस्थान के लिए रवाना हुआ है। कृषक दल को जनपद सदस्य सह कृषि समिति अध्यक्ष (विकासखंड ठीकरी) श्री मोहन जी सोलंकी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दल दिनांक 22 से 24 सितंबर तक बेंगलुरु के प्रतिष्ठित संस्थानSri Sri Institute of Agricultural Science And Technology Trust ( SSIATT ) उदयपुरा में आयोजित होने वाली तीन दिवसीय विशेष कार्यशाला और अध्ययन भ्रमण में हिस्सा लेगा। कम लागत और बेहतर उत्पादन पर रहेगा विशेष जोर रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत और मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को देखते हुए सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। इस तीन दिवसीय कार्यशाला में बड़वानी के किसानों को निम्नलिखित वैज्ञानिक तकनीकें सिखाई जाएंगी कम लागत में उच्च गुणवत्ता का कृषि उत्पादन प्राप्त करना। मिट्टी की उर्वरा शक्ति और उपजाऊपन में सुधार करना। प्राकृतिक और जैविक खादों के निर्माण की आधुनिक विधियाँ। मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे किसान कृषि विभाग का मानना है कि इस उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के बाद ये प्रगतिशील किसान अपने क्षेत्र में लौटकर अन्य स्थानीय किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे और मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे। इससे खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और आम उपभोक्ताओं को जहरमुक्त व पौष्टिक खाद्यान्न मिल सकेगा। इस पूरे अध्ययन भ्रमण और दल के संचालन हेतु विकासखंड तकनीकी प्रबंधक (विकासखंड पानसेमल) डॉ. नेहा तोमर को दल का नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
सेहत
बड़वानी के 25 प्रगतिशील किसान प्राकृतिक खेती के गुर सीखने बेंगलुरु रवाना ................ मुख्यमंत्री की पहल को मिल रही गति

मस्त खबर डेस्क · बड़वानी · 21 सितंबर 2026 · 3 मिनट





