जन्म के तुरंत बाद जिस बच्ची के होंठ और तालू की बनावट ने परिवार को चिंता में डाल दिया था, वह अब स्वस्थ होकर मुस्कुरा रही है। गोहपारू विकासखंड के ग्राम सेमरी टेटकी के अजय सिंह और राश्मी सिंह की बेटी आर्या सिंह में जन्मजात कटे होंठ और फटे तालू की पहचान जिला चिकित्सालय शहडोल के लेबर रूम में ही कर ली गई थी। वहीं से शुरू हुई निगरानी और सलाह की एक लंबी कड़ी, जो 24 अगस्त 2026 को सफल ऑपरेशन तक पहुंची।

पहचान के बाद जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक कंचन पटेल ने माता-पिता की काउंसलिंग की और देखभाल का तरीका समझाया। परिजनों को बताया गया कि बच्ची को मुख्य रूप से मां का दूध ही पिलाया जाए और जरूरत पड़ने पर ही, चिकित्सक की सलाह के अनुसार, फॉर्मूला मिल्क दिया जाए। बीमार पड़ने पर दवा भी बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह से ही देने को कहा गया।

खास बातें

  • आर्या सिंह का पहला ऑपरेशन 24 अगस्त 2026 को ड्यूब सर्जिकल, जबलपुर में निःशुल्क हुआ।
  • स्माइल ट्रेन एनजीओ के सहयोग से पूरा खर्च माफ रहा; फटे तालू का ऑपरेशन करीब एक वर्ष की आयु में प्रस्तावित है।
  • जिले में इस वर्ष चिह्नित 22 नवजातों में से 15 का सफल उपचार, शेष की निगरानी जारी।

हर 15 दिन में फॉलोअप, फिर तय हुई ऑपरेशन की तारीख

इस तरह के मामलों में ऑपरेशन तुरंत नहीं होता। बच्ची के वजन और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी रखी गई और हर 15 दिन में फॉलोअप किया गया। चिकित्सकीय परामर्श के मुताबिक तय हुआ कि वजन 5 किलोग्राम होने और लगभग छह माह की आयु पूरी होने के बाद कटे होंठ का ऑपरेशन किया जाएगा।

फटे तालू का ऑपरेशन इसी क्रम में अगला चरण है। परिजनों को मार्गदर्शन दिया गया है कि यह लगभग एक वर्ष की आयु में कराया जाना है। यानी आर्या का उपचार अभी पूरा नहीं हुआ है, पहला और बड़ा चरण पार हुआ है।

खर्च शून्य, सहयोग स्माइल ट्रेन का

आर्या का प्रथम ऑपरेशन 24 अगस्त 2026 को ड्यूब सर्जिकल, जबलपुर में किया गया और यह पूरी तरह निःशुल्क रहा। यह सुविधा स्माइल ट्रेन एनजीओ के सहयोग से उपलब्ध कराई गई। ऑपरेशन के बाद बच्ची की स्थिति में सुधार हो रहा है और चिकित्सकीय निगरानी में उसका नियमित फॉलोअप जारी है।

जिले में 22 बच्चे चिह्नित, 15 का इलाज पूरा

आर्या अकेली नहीं है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा के निर्देशन में जिले में ऐसे बच्चों की समय पर पहचान कर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वर्ष शहडोल जिले में जन्मजात कटे होंठ और फटे तालू से प्रभावित 22 नवजात बच्चों की जानकारी मिली है, जिनमें से 15 का सफल उपचार कराया जा चुका है।

शेष बच्चों की निरंतर निगरानी और फॉलोअप किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग इलाज के साथ-साथ माता-पिता की काउंसलिंग और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।

परिवारों के लिए सबसे काम की बात यही है कि ऐसी स्थिति में देर करने की जरूरत नहीं है। जन्म के समय ही अस्पताल में पहचान हो जाने पर जिला शीघ्र हस्तक्षेप कार्यक्रम के जरिए काउंसलिंग, वजन की निगरानी और सही समय पर ऑपरेशन की व्यवस्था बनाई जा रही है, और आर्या के मामले में यह पूरा इलाज बिना किसी खर्च के हुआ।