मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से जिले के युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता एवं मार्गदर्शन मिल रहा है। योजना का लाभ लेकर छनेरा (हरसूद) निवासी श्री विजय राजपूत ने स्वयं का व्यवसाय शुरू किया और आज आत्मनिर्भर बनकर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। श्री विजय राजपूत बताते हैं कि व्यवसाय शुरू करने से पहले वे प्राइवेट काम करते थे, जहां उन्हें प्रतिमाह लगभग 7 से 8 हजार रुपए का मेहनताना मिलता था। सीमित आमदनी के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना मुश्किल होता था। इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया और जिला उद्योग कार्यालय से संपर्क किया। जिला उद्योग कार्यालय के मार्गदर्शन में उन्होंने योजना के अंतर्गत आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें 7.40 लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। इसके साथ ही योजना के अंतर्गत उन्हें 5 प्रतिशत अनुदान का लाभ भी मिला। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया। श्री राजपूत बताते हैं कि अब उनका व्यवसाय अच्छा चल रहा है और इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 35 हजार रुपए तक का लाभ प्राप्त हो रहा है। पहले जहां उन्हें प्राइवेट काम से केवल 7 से 8 हजार रुपए प्रतिमाह मिलते थे, वहीं आज वे स्वयं का व्यवसाय संचालित कर आत्मनिर्भर बन चुके हैं। विजय राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से मिले ऋण और 5 प्रतिशत अनुदान ने उनके लिए अपना व्यवसाय शुरू करना आसान बनाया। उन्होंने योजना के माध्यम से स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है।
“योजना से मिला आर्थिक संबल, अपने व्यवसाय ने बनाया आत्मनिर्भर”
विजय राजपूत की सफलता यह संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर युवा स्वयं का रोजगार स्थापित कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ा सकते हैं। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना उनके जैसे युवाओं के लिए स्वरोजगार की नई राह खोल रही है।


